Sunday, 17 November 2013

सचिन …… सचिन ......


एक शानदार व्यक्तित्व ……
एक अविस्मर्णीय करियर .......
एक प्रेरणादायी जीवन ……
भारत रत्न श्री सचिन रमेश तेंदुलकर ……
को समर्पित ……
..................x ................... 

ये सोच कर.....  
कि तुम्हे… कतार में.… 
कल ढूढेंगी निगाहें…
…………  
ना पहले जैसी…
बात होगी 
ना जोश होगा…… 
ना तालियों में दम.…… 
करतल ध्वनि भी होगी .... मध्यम…… 
…… 
ना हारने का डर.…… 
ना जीतने का स्वर…
शायद वो समय चल पड़ेगा 
जो जाता था ठहर.…
……
ना कोई सवाल होगा....... 
ना कोई बवाल होगा……  
दिल को जल्द ही मना लेंगे…… 
कि अब फिर से 
ना कोई कमाल  होगा…… 
……… 
तुम न लौटने वाले 
बस ये ख्याल होगा 
....... 
तुम न लौटने वाले 
बस ये ख्याल होगा 
…… 
दुश्मनों कि 
तेज़ तलवारें तो होंगी 
पर तुम सा.…… 
ना ढाल होगा…
………… 
तुम न लौटने वाले 
बस ये ख्याल होगा 
……… 
सोने से भारत के 
स्वर्णिम उपलभ्दियों....... 
का शायद…
अब न कोई साल होगा…… 
..........
तुम न लौटने वाले 
बस ये ख्याल होगा 
…….......  
ना शिक़वा……
ना शिकायत होगी.......... 
सीधे प्रसारण कि भी 
ना अब कोई चाहत होगी……
………… 
कि अब भी कोई 
जूझ रहा अकेले 
ऐसी भी न राहत होगी……… 
…….... 
ना अब इक ही जगह……
पाऊँ टिकाने.......  
कि जरूरत होगी 
ना ही....... इक टीवी से चिपके……
सौ सूरत होगी………
....... 
न भूखे रहने कि 
गुज़ारिश…… 
न प्यासे रहने कि 
ख़वाहिश....... 
....... 
ना साँसों पे अंकुश……
ना बोलने की  मनाही....... 
ना सुनसान सड़के
ना खाली कढ़ाही 
…… 
ना झूमता घर होगा … 
ना कोई परिवार होगा......
अब न सप्ताह का हर दिन…
जैसे रविवार होगा 
...........  
सब ज्यों का त्यों है……
बस इतनी सी कमी खलेगी….... 
…… 
आज सोलह नवंबर
दो हज़ार तेरह से 
कि अब न मेरा भगवान्, मेरा ख़ुदा  
खेलने वाला…
क्रिकेट मैच तो……
कई बार होगा 
कई बार होगा